Sumit. Malhotra
Abstract Action Inspirational
जहां पर नारी जाति का,
बिल्कुल नहीं होता सम्मान।
जब ऊपर वाले ने दोनों को,
बनाया है जब एक समान।
बहिष्कार कर देना चाहिए,
ऐसे समाज के लोगों का।
जो नारी को नारायणी तो मानते,
पर करते सदा तिरस्कार और अपमान।
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मन के घोंसले से उड़ चले, हैं आज यादों के परिंदे। मन के घोंसले से उड़ चले, हैं आज यादों के परिंदे।
जीवन मिला है तो मृत्यु भी एक शाश्वत सच्चाई है, जीवन मिला है तो मृत्यु भी एक शाश्वत सच्चाई है,
होगा जब सब ओर तमाशा गीत वही फिर गाऊँगा ! होगा जब सब ओर तमाशा गीत वही फिर गाऊँगा !
बस मुस्कुरा कर चलता रह मुसाफिर तू मुस्कुराते हुए चलता रह मुसाफिर ! बस मुस्कुरा कर चलता रह मुसाफिर तू मुस्कुराते हुए चलता रह मुसाफिर !
कि ये सब गवाह हैं, जिम्मेदार हैं, बस मेरी ख़ामोशी के, कि ये सब गवाह हैं, जिम्मेदार हैं, बस मेरी ख़ामोशी के,
सफर-ए-मंज़िल-ए-सदा को अब सुनना जरुरी है। सफर-ए-मंज़िल-ए-सदा को अब सुनना जरुरी है।
थोड़ी नहीं बहुत अजीब हूँ बेजान चीजों में. थोड़ी नहीं बहुत अजीब हूँ बेजान चीजों में.
सपने विचारों को ऊंचाई देते हैं सपने भावों को गहराई देते हैं। सपने विचारों को ऊंचाई देते हैं सपने भावों को गहराई देते हैं।
प्रातः काल तो नित है आता साथ में लेकर सूर्य की लाली प्रातः काल तो नित है आता साथ में लेकर सूर्य की लाली
आजकल जब तुम चुपके चुपके देखती हो आईना। आजकल जब तुम चुपके चुपके देखती हो आईना।
आइए ! बीती बातों को बिसारें अपना आज सँवारें। आइए ! बीती बातों को बिसारें अपना आज सँवारें।
चलने वाली परीक्षा को ईमानदारी से ही दीजिये। चलने वाली परीक्षा को ईमानदारी से ही दीजिये।
दिल डूबा क्यों फ़िर उसकी चाहत में है वो ही जब डूबी आँखें नफ़रत में. दिल डूबा क्यों फ़िर उसकी चाहत में है वो ही जब डूबी आँखें नफ़रत में.
जो हौसलों से उड़ान भरते हैं वे गिर कर उठा करते हैं. जो हौसलों से उड़ान भरते हैं वे गिर कर उठा करते हैं.
तुम सब लड़ना तुम ही हो सब देश के सच्चे इंसान तुम सब लड़ना तुम ही हो सब देश के सच्चे इंसान
जैसा हांका जाए वैसे चलो विरोध होते ही कोड़ा उन्हें लपक जैसा हांका जाए वैसे चलो विरोध होते ही कोड़ा उ...
समुद्र समुद्र
जो चले सूझबूझ से अपने गुणरुपी सेना संग चाल। जो चले सूझबूझ से अपने गुणरुपी सेना संग चाल।
भुलाकर सारे रंज-ओ-ग़म, एक बार फिर से मुस्कुराना चाहता हूँ मैं। भुलाकर सारे रंज-ओ-ग़म, एक बार फिर से मुस्कुराना चाहता हूँ मैं।
कागज़ी हैं सब यहाँ........! कागज़ी लोग,कागज़ी रिश्ते। कागज़ी हैं सब यहाँ........! कागज़ी लोग,कागज़ी रिश्ते।