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Sunil Kumar

Inspirational

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Sunil Kumar

Inspirational

मुस्कुराते रहो

मुस्कुराते रहो

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जीवन पथ पर कदम बढ़ाते रहो 

कर्तव्य अपना निभाते रहो

मुश्किलें लाख आएं मगर 

फूलों की तरह मुस्कुराते रहो।


लांघ विघ्न-बाधाओं के सागर

विजय पताका फहराते रहो 

लाख शूल चुभें पावों में मगर

मंजिल की ओर कदम बढ़ाते रहो।


भूले-भटकों को राह दिखाते रहो 

गिरतों को सदा उठाते रहो

मानव धर्म अपना निभाते रहो 

फूलों की तरह मुस्कुराते रहो।



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