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Sanjay Jain

Abstract

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Sanjay Jain

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*मुस्कराते रहो*

*मुस्कराते रहो*

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जिन्दगी में सदा, 

मुस्कराते रहो।

फासले कम करो, 

दिल मिलाते रहो।

जिन्दगी में सदा, 

मुस्कराते रहो..….।।


दर्द कैसा भी हो, 

आँख नम ना करो।

रात काली सही,

कोई गम न करो।

एक सितारा बनो, 

जग मगाते रहो।

फासले कम करो, 

दिल मिलाते रहो।।

जिन्दगी में सदा, 

मुस्कराते रहो..….।।


जिन्दगी में सदा,

मुस्कराते रहो।

बाँटना है अगर,

बाँट लो हर खुशी।

गम ना जाहिर करो, 

तुम किसी से कभी।

दिल गहराई में,

गम छुपाते चलो।

फासले कम करो, 

दिल मिलाते रहो।।

जिन्दगी में सदा, 

मुस्कराते रहो..….।।


आसू अनमोल है, 

खो न देना कही।

इनकी हर बूंद है,

मोतियों सी हंसी।

इन को हर आँख से,

तुम चुराते रहो।

फासले कम करो, 

दिल मिलाते रहो।।

जिन्दगी में सदा 

मुस्कराते रहो....।।



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