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Rudra Singh

Abstract

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Rudra Singh

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मुश्किल नहीं जितनी तू लगती है!

मुश्किल नहीं जितनी तू लगती है!

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मुश्किल नहीं जितनी तू लगती है मुझे !

ऐ जिंदगी किसी ने कहा था मुझे,

मुस्कुरा के गुजार दो उसको,


सच कहाँ था उसने मुस्करा के जो जीते हो

उसमें ज्यादा हसीन लगते हो,

क्या रखा है उदासी में ?

कौन देखता तुम्हारा ये उदासी भरा चेहरा,


खुश रहोगे तो अपने आस पास सारा जहाँ पाओगे,

रहोगे उदास तो अकेले हो जाओगे।

बहुत बेमुरव्वत है यहाँ के लोग,


मत फँसो इन के चुंगल में जो एक बार

फँसे तो फँसे ही रह जाओगे।,

माना मुशिकल है थोड़ा रास्ता

पर तुम हँस कर गुजार दो।


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