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Shyam Kunvar Bharti

Abstract

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Shyam Kunvar Bharti

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मुक्तक :- जी जान से लड़ो ना

मुक्तक :- जी जान से लड़ो ना

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1.

शुरू हो गई जंग इधर दुशमन उधर कोरोना

लड़ना हर हाल मे दोनों से अब सब डरो ना

लापरवाही कमजोरी जोखिम मे जान डाल देगी

दोनों तरफ है मौत सब जी जान से लड़ो ना!

2.

जीतने भी पैंतरे जंग के अब अपनाना पड़ेगा

इस पार या उस पार सबको है जाना पड़ेगा

हार नहीं मानेंगे रार हमने भी ठान लिया है

कोरोना दुशमन अब अंजाम पहुंचाना पड़ेगा!

3.

उड़ाते थे माखौल जिसका मौत का खंजर निकला

बेआवाज उसकी चाल ओ जान का नस्तर निकला

चला चीन से फैला रहा है पाँव सारी दुनिया मे वो

कैसा जालिम कोरोना बेदर्द बेदिल पत्थर निकला!


4. कैसी ये मजबूरी इश्क मे मिलना मुहाल हुआ

बना दुश्मन जानी कोरोना संग चलना बवाल हुआ

रखना दूरी ख्वाबो मे मिलना अब मजबूरी आशिको

उनसे मिलना मुश्किल दिल का बड़ा बुरा हाल हुआ!


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