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रिपुदमन झा "पिनाकी"

Inspirational


3.7  

रिपुदमन झा "पिनाकी"

Inspirational


मुझे प्यार है

मुझे प्यार है

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मुझे प्यार है

अपने देश और अपनी मिट्टी से

अपनी जन्मभूमि से, अपनी मातृभूमि से

जिसकी गोद में पल कर बड़ा हुआ

जिसकी मिट्टी में खेलकर सुख पाया

जिसने मुझे गर्व से जीना सिखाया।


मुझे प्यार है

अपने माता-पिता से

जिन्होंने मुझे जन्म दिया

पाला पोसा दुनिया के लायक बनाया

हाथ पकड़ कर चलना सिखाया

सही ग़लत का फर्क बताया

मेरी हर ख़्वाहिशों को अपना बनाया

मेरी खुशियों में ख़ुश हुए मेरे दुःख में दुःखी

मुझे मेरी पहचान दी।


मुझे प्यार है

अपने भाई बहन से

जिनके साथ मैं बड़ा हुआ

बचपन से लेकर जवानी तक

एक दूसरे के साथ

कभी प्यार कभी तकरार की

छोटी-सी बात पर रूठना मनाना

एक दूसरे को छेड़ना, चिढ़ना चिढ़ाना हुआ।


मुझे प्यार है

मेरे उन दोस्तों से

जिनके साथ जवानी की रंगीनियां देखी

अल्हड़पन, और बेलौस मस्तियां की

ज़िन्दगी के न भूलने वाले पल जीये

जिन्होंने मुझ पर अपना विश्वास

अपना अधिकार जमाया

बिना ही बात आपस में कभी झगड़े

कभी गिले शिकवे भुलाकर

ज़िन्दगी का लुत्फ़ उठाया।


मुझे प्यार है

अपनी जीवनसंगिनी से

जिसने मेरी जिंदगी में रंग भरे

ज़िन्दगी के हर सुख दुःख,

हंसी ख़ुशी, धूप-छांव में

हर वक्त हर, क़दम मेरा साथ निभाया

ख़ुद से ज्यादा मुझे संभाला

मेरी फ़िक्र में ख़ुद को भी भूल गई

मुझे मुझसे ज्यादा जाना, समझा।


मुझे प्यार है

इस ज़िन्दगी से

जिसने मुझे रिश्ते नाते, दोस्त दिए

मुझे मेरे हिस्से का सुख दिया, ख़ुशी दी

मुझे जीना और मुस्कुराना सिखाया

ज़िन्दगी को ज़िन्दगी से मिलाया।


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