मथुरा में जन्में कृष्ण कन्हैया
मथुरा में जन्में कृष्ण कन्हैया
मथुरा में जन्में कृष्ण कन्हैया,
पुलकित हुईं देवकी मैया।
नाचे नर किन्नर गंधर्व सभी,
किये देवता सब ताता थैया।
भये खुशी कूल, फूल सब,
भयीं खुशी खूब यमुना मैया।
मन ही मन वसुदेव खुशी भये,
देख वदन हुलसीं देवकी मैया ।।
ताले खुले सब प्रहरी सोये,
कहां कहां कह गोपाल रोये।
कैसे रक्षित हो लाल मेरा ,
तात मात इस चिंता में खोये।
लेकर तात चले गोपाल को,
यमुना ने हर्षित हो पग धोए।
पहुंचे वसुदेव बाबा नंद घर,
मिले सभी एकदम से सोये।।
कान्हा को छोड़ नंद घर,
वसुदेव चले ले माया साथ।
जा पहुंचे कारागार फिर वे,
फिर बंधी हथकड़ी दोउ हाथ।
तिथि अष्टमी भादो मास की,
जन्मे यदुकुल तिलक गोपाल।
गीता का जो उपदेश दिया,
सुनकर "हरी" जन हुए निहाल।।
