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Bhoop Singh Bharti

Abstract Inspirational Thriller

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Bhoop Singh Bharti

Abstract Inspirational Thriller

मतदान

मतदान

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मौका आया आज फिर, देना बहुजन ध्यान।

बीती बातें याद कर, करना है मतदान।।


आएंगे अब द्वार पर, लेकर सब सामान।

चिकनी चुपड़ी बात में, मत आना श्रीमान।


दुश्मन है अब सामने, उगलो अपनी आग।

चोट करो अब वोट की, छोड़ सभी अनुराग।।


बातें नहीं बिसारना, याद करो अपमान।

आपस में लड़ना नहीं, शत्रु को पहचान।।


वोट बड़ा है कीमती, सोच-समझ नादान।

राह चले जो भीम की, उसे करो मतदान।।


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