STORYMIRROR

Miss Komal Sanjay Sawalakhe

Abstract

3  

Miss Komal Sanjay Sawalakhe

Abstract

मरीन ड्राइव

मरीन ड्राइव

1 min
214

समुंदर भी वही है

समंदर का पानी भी वही

हवाएं भी वही हैं

जो पहले भी यहाँ है वही

खास क्या है आज,

क्यों ये मौसम अलग है

हवाओ की क्यों एक नई झलक है

कुछ ये सब दिल ने कहा

पास है आज जो सदा दिल में रहा

हवाएं तो वही बस आज प्यार चारो ओर हैं

आँखे कोई खास जो देख रही चाँद,

ये समुंदर, और मेरी ओर है

पल तो है खास

क्योंकि इसमें आज है एक खास एहसास

जो लग रहे ये हवाएं, पानी और तू थोड़ा ज्यादा पास!


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract