STORYMIRROR

Abhilasha Deshpande

Tragedy

2  

Abhilasha Deshpande

Tragedy

मोहब्बत

मोहब्बत

1 min
184

किसी को मिलती हैं

किसी को नहीं मिलती


किसी का मकसद

किसी की दरिंदगी


किसी का सहारा

किसी का लालच


आजकल मोहब्बत

का सिर्फ यही हैं


नाम मोहब्बत के नाम पर

कर रहे लड़कियों को बदनाम।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Abhilasha Deshpande

Similar hindi poem from Tragedy