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KAVY KUSUM SAHITYA

Romance

4  

KAVY KUSUM SAHITYA

Romance

मोहब्बत की मल्लिका

मोहब्बत की मल्लिका

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लव है पैमाना ,नज़रे है मैख़ाना

तेरी चाहत दुनियां कि तकदीर दीदार बिन पिए वहक जाना

 

सावन की घटायें तेरी जुल्फे चाल है मस्ताना              

गज गामिनी अंदाज़ अशिकाना हुस्न की हद हैसियत नजराना


क़दमों कि आहट से ज़माने में हलचल धड़कते दिलों कि है तू जाने जाना                

हवाओं में उड़ती जुल्फे कभी चाँद से चेहरे का हिज़ाब ,कभी चाँद के दीदार का बहाना        


जन्नत की जीनत ,प्यार का अरमान जहाँ में खुदा का नूर नज़राना

फिजाओं की मस्ती इश्क इबादत की हस्ती तू जिंदगी जान यारी है याराना


वज्म ,वजूद जहाँ जमाने कि मोहब्बत कि मल्लिका जिंदगी का तराना

दुनियां ,कारवां कि मंजिल आशिकी का अफ़साना        


शर्म से चिलमन में तेरा चेहरा खूबसूरत कायनात कि चांदनी का छूप जाना,     

चाहतों कि जिंदगी करिश्मा किस्मत कि तेरा मिल जाना

आहे में जीते है सुनते तेरा ही अफसाना सिर्फ एक नज़र को तरसता है दीवाना          


दिल, दुनिया, दौलत कर्म किस्मत है जज्बा ,जूनून हकीकत जन्नत कि तेरा मुस्कुराना      

परवानों की परिस्थिति तमन्ना है इबादत आशिकी इश्क में जल जाना।


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