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Neelam Arora

Abstract

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Neelam Arora

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मन्नतों के धागे

मन्नतों के धागे

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जाने कहाँ कहाँ बाँधे होंगे

मन्नतों के धागे।

जाने कितने दरों पर टेके होंगे

तेरे लिए माथे।

तेरे चेहरे पर हरदम

खिलती रहे मुस्कुराहट।

माँ बाप की अब भी है

बस यही चाहत ।।


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