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भावना भट्ट

Inspirational

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भावना भट्ट

Inspirational

मंज़िल की चाह...

मंज़िल की चाह...

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बिना सफर तय किए मंज़िल नहीं मिलती

बिना परिश्रम के सफलता की कली नहीं खिलती

मंज़िल की चाह है गर ऐ राही! तू पथ पर चल

आत्मविश्वास और मेहनत कर अपना भाग्य बदल

अपना कर्म करता जा, जग की कटु वाणी न सुन

सब कुछ भुलाकर तू लक्ष्य प्राप्ति की नई राह बुन

विफलता व निराशाओं की आँधियों से न डर 

अथक परिश्रम करता जा, मन में दृढ़ संकल्प कर

तूने जब अपने ध्येय को पूरा करने की ठान ली

तो देख जग ने अपनी कथनी पर हार मान ली

तेरा ये आत्मविश्वास ही तुझे मंज़िल तक पहुँचाएगा

तुझे चमकता देख हर कोई हैरत में पड़ जाएगा।


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