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Mitali More

Abstract

3  

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मन नहीं हैं मेरा

मन नहीं हैं मेरा

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जी लू जरा सा,मन नहीं हैं मेरा 

मर जाऊं यूँ ही,मन नहीं हैं मेरा 


सारे घर को अकेले संभाला हैं मैंने

खुद को संभालू,मन नहीं हैं मेरा


आँखो से मोतीयों की नदीयाँ बह रहीं हैं

थोडी बूंदे उठा लूं,मन नहीं हैं मेरा


जोकर बन हसांता रहा मैं सभी को

अपना दिल बहला लूं,मन नहीं हैं मेरा


जिद को जुनूं,चलती साँसो को सुकूँ बना लूं

जिंदगी जी भर के जी लू,मन नहीं हैं मेरा


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