Kumar Vikash
Abstract
हर तरफ अन्धेरा है , कोई प्रकाश की
क्या बात करे ।
बधिरों की महफ़िल है , कोई काव्य का
क्या पाठ करे ।
मियाँ मिट्ठू सभी हैं , कोई तारीफों में
क्या समय बर्बाद करे ।
इश्क की झनकार
सुगंधि स्वेद
कौन है ईमानदा...
सितमगर
इश्क में
ज़ुल्फ़ों की ...
प्रिय संग आलि...
रूहानी मोहब्ब...
नारी सशक्तिकर...
दंभ
खुशगवार हुआ मौसम खुश हैं फिजाएं, महके गेंदा, गुलाब सुवासित सभी दिशाएं खुशगवार हुआ मौसम खुश हैं फिजाएं, महके गेंदा, गुलाब सुवासित सभी दिशाएं
जीवन सम्भावनाओं का अद्भुत श्रोत है। जीवन सम्भावनाओं का अद्भुत श्रोत है।
मोटापा था चढ़ गया, निकल गया था पेट अपनी सूरत स्वयं को लगती थी बेमेल मोटापा था चढ़ गया, निकल गया था पेट अपनी सूरत स्वयं को लगती थी बेमेल
जिंदगी का लम्बा ये सफर बीत रहा है हर साँस एक सज़ा है मगर कट रहा है। जिंदगी का लम्बा ये सफर बीत रहा है हर साँस एक सज़ा है मगर कट रहा है।
चलने दो इस बेरुखी सी ज़िंदगी को ऐसे ही अनजानों के संग। चलने दो इस बेरुखी सी ज़िंदगी को ऐसे ही अनजानों के संग।
मां तू कितनी किस्मत वाली है। तेरी बहू तो बिल्कुल गऊ सी है। मां तू कितनी किस्मत वाली है। तेरी बहू तो बिल्कुल गऊ सी है।
तुम परछाई हो, चलती रहती हो साथ मेरे। तुम परछाई हो, चलती रहती हो साथ मेरे।
कहते हैं कसम खाई जाती है, कहते हैं पी लेते हैं दुःख. कहता है विज्ञान ये कोई चीज़ें नहीं कहते हैं कसम खाई जाती है, कहते हैं पी लेते हैं दुःख. कहता है विज्ञान ये कोई ...
गलत-सही किया है आज तक जो, उसका हिसाब लिखने दे। गलत-सही किया है आज तक जो, उसका हिसाब लिखने दे।
तेरी वफादारी बेमिसाल है स्वामिभक्ति क्या कमाल है। तेरी वफादारी बेमिसाल है स्वामिभक्ति क्या कमाल है।
भगवान विष्णु के अवतार छठे रेणुका जमदग्नि के संतान।। भगवान विष्णु के अवतार छठे रेणुका जमदग्नि के संतान।।
चाहत है उस दरिया की जैसे, समुद्र में मिल जाऊँ चाहत है उस दरिया की जैसे, समुद्र में मिल जाऊँ
शहर के भीड़भाड़ में, हॉर्न की कर्कश आवाजों के बीच थक चला हूँ मैं। शहर के भीड़भाड़ में, हॉर्न की कर्कश आवाजों के बीच थक चला हूँ मैं।
छतों से पहाड़ दिख रहे हैं उल्लू, नीलगाय, मोर, हिरन छतों से पहाड़ दिख रहे हैं उल्लू, नीलगाय, मोर, हिरन
ईश्वर हो या इंसान या हो संत सभी है करते गड़बड़ घोटाला। ईश्वर हो या इंसान या हो संत सभी है करते गड़बड़ घोटाला।
किसी रूठे को नहीं मनाया अपने को ठीक से गले नहीं लगाया किसी रूठे को नहीं मनाया अपने को ठीक से गले नहीं लगाया
वो छोटा होकर कितना बड़ा हो गया है। वो छोटा होकर कितना बड़ा हो गया है।
संसार दो पाटों में सदा रहा बंटा इक ओर अमीर है तो दूजा गरीब रहा। संसार दो पाटों में सदा रहा बंटा इक ओर अमीर है तो दूजा गरीब रहा।
मेरे हार्ट अटेक चान्सेस को बढ़ाता है। मेरे हार्ट अटेक चान्सेस को बढ़ाता है।
बाधाओं से लड़ते हुए निरंतर चलते हुए पहुँच जाते हैं सफलता के शिखर पर बाधाओं से लड़ते हुए निरंतर चलते हुए पहुँच जाते हैं सफलता के शिखर पर