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V. Aaradhyaa

Inspirational

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V. Aaradhyaa

Inspirational

महफूज रहे देश हमारा

महफूज रहे देश हमारा

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आज महफूज़ है जिन हाथों में यह देश हमारा:

अविश्मरणीय है उनका शौर्य व उनका सहारा!


अपनी मातृभूमि से करते जो स्नेह सबसे पहले:

देशप्रेम से बढ़कर कभी कुछ नहीं उनके लिए!


देश ध्वज़ लेकर निकला माटी का तिलक किया:

देशप्रेम से रंगे कुमकुम से माँ ने अभिषेक किया!


कितने तूफां कितनी आंधी राहों में आती जाती है:

जोश जज्बा व हिम्मत आगे नतमस्तक हो जाती है!


केसरिया बाना दमके ओज भरी हुंकार सैनिक की:

शांति व अमन के मोती गूंथकर बनी माला उनकी !


शौर्य व पराक्रम ओज भर रग रग में जोश जगाते हैं :

शांति प्रेम की इस मिट्टी को सब नित्य शीश नवाते हैं!



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