महोत्सव
महोत्सव
हर पल में खुशियों को ढूढोंगे,
तो हर दिन एक महोत्सव भांति लगेगा,
त्योहारों पर आती चेहरे पर मुस्कराहट,
और आए दिन रहती चेहरों पर कड़वाहट,
जीवन में नीरसता का संचार करती है,
लेकिन आप देखो तो जीवन एक महोत्सव है,
आपको मिला है खुल कर आनंद लो,
क्या रखा अफसोस कर रहने में,
जो है जितना है उतने में खुश रहो,
और हर दिन खुशियों का महोत्सव मनाओ।
