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राजेश "बनारसी बाबू"

Inspirational

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राजेश "बनारसी बाबू"

Inspirational

महाशिवरात्रि

महाशिवरात्रि

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ढोल मंजीरा छाया है

आज शिव त्यौहार आया है 

पूरा विश्व शिव भक्ति में समाया है

जिनके गले में सर्पों की माला है

शिव अविनाशी घट घट के वासी

तन पे भस्म भी छाया है

काल जिनको देख है भागत

चंद्रमा गंगा जहां विराजत

आदि अनंत जिनमे समाया है

वह भोले भंडारी है 

वह सबके स्वामी है

देखो जिनमे श्रृष्टि समाया है

हर घर में भांग बूटी पिसाया है

देखो आज शिवरात्रि का 

पवित्र त्यौहार आया है।

आज विश्व का हर कण कण शिवमय 

हो आया है



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