STORYMIRROR

Sumit. Malhotra

Abstract Romance Action

4  

Sumit. Malhotra

Abstract Romance Action

मह-जबीं देखा नहीं

मह-जबीं देखा नहीं

1 min
310

मह-जबीं :- सुंदर, चाँद जैसे माथे वाली। 


यारा मह-जबीं सबसे ज़्यादा वो लगती है, 

उनसे पहले इतना मह-जबीं देखा नहीं है। 


वो इस कायनात की सबसे हसीन परी है, 

जो आसमान से मेरे लिए यहां पर आई है।


सुबह उठकर सबसे पहले हमें देखती है, 

योगा करने के बहाने वो दीदार करती है। 


कई बार आते-जाते लिफ़्ट लिया करती है, 

बहाने बनाकर करीब आना वो चाहती है। 


कभी नोट्स या प्रश्न पत्र बनवाने आती है, 

कभी चाय पीने-पिलाने के लिए आती है। 


स्कूल में विज्ञान विषय ये पढ़ाया करती है, 

घर रोज़ प्रेम का विज्ञान पढ़ाया करती है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract