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सामंत कुमार झा 'साहित्य'

Inspirational

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सामंत कुमार झा 'साहित्य'

Inspirational

मेरी शान है हिन्दी

मेरी शान है हिन्दी

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गर्व हैं मुझे चुँकि मेरी जुबान है हिन्दी,

गर्व से कहता हूँ मेरी पहचान है हिन्दी।


यह केवल मातृभाषा ही नहीं है मेरी,

मातृभाषा सहित मेरी तो शान है हिन्दी।


एक क्षेत्र की ही नहीं है ये तो बल्कि,

भारत देश हमारे की जान है हिन्दी।


ये अंग्रेजो, ये अंग्रेजी तो बाद में आई है,

इसकी रही शुरू से ही मेजबान है हिन्दी।


अब इसे राष्ट्रभाषा का दर्जा दिलाया जाए,

हिन्दुस्तानियों के दिलों में विराजमान है हिन्दी।


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