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Bindiyarani Thakur

Inspirational

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Bindiyarani Thakur

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मेरी माँ

मेरी माँ

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सीधी सादी भोली सी है 

माँ मेरी सहेली सी है 

सारे घर का ध्यान रखती है 

पर अपना ख्याल रखना 

अक्सर ही भूूल जाती है

बहुत ज्यादा पढ़ी लिखी नहीं है 

लेकिन दुुनियादारी क्या खूब निभाती है 

अच्छी शिक्षा और संस्कार हमें दिए 

मुसीबत आए तो हिम्मत बढ़ाती है 

रिश्ते निभाना उसी ने सिखाया 

ममता की मूरत सबको अपना बना लेती है 

उस से ही बना ये तन 

सब कहते उसकी परछाई हूँ मैं

पर माँ तेरे चरणों की धूल भी नहीं बन पाई मैं 

जीवन सफल हो जाये गर जरा भी तुम सी बन पाऊँ 

तुम सी क्षमाशील धैर्यवान और हिम्मती बन जाऊँ।



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