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Dinesh Dubey

Abstract

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Dinesh Dubey

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मेरे संघर्ष की कहानी

मेरे संघर्ष की कहानी

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जीवन में हरदम अकेला ही रहा हूं,

कहने को तो सभी थे पर,

सौतेला सा रहा हूं,

संघर्ष की गाथा क्या कहूं,

संघर्ष ही तो साथ रहा है,


संघर्ष ने ही तो जीना सिखाया 

हर हाल में हंसना सिखाया,

कभी ना डरने की हिम्मत,

कभी ना हारने की ताकत,

सब तो संघर्ष ने ही दिया,


सही मायने में संघर्ष ही है 

मेरा अपना सच्चा साथी,

जो कभी न रुकने देता 

ना कभी घुटने टेकने देता।


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