मेरे पास क्या है ?
मेरे पास क्या है ?
इनके पास, उनके पास
न जाने कितने जन के पास !
सब मिलाकर कहें तो
लोगों के पास सबकुछ है !
किसी के पास शौहरत अपार है !
किसी के पास दौलत की भरमार है !
मगर मेरे पास तो ये सब कुछ है ही नहीं !
तो फिर मैंने अपने दिल से
एक दिन अकस्मात् ही पूछ बैठा
कि आखिर मेरे पास क्या महफूज़ है ?
तो फिर मेरे दिल ने मुझसे कहा
कि तेरे पास वो तीनों चीज मयस्सर है
जो सबको एकसाथ महफूज़ नहीं !
फिर मैं यकीन कर और
अपने अंदर ढूंढ पता किया
कि सचमुच मेरे पास दुनिया की
तीन अहम रत्न है !
और वो तीन रत्न है- माँ !
मोहब्बत ! और मित्र !
