STORYMIRROR

Sanjay kumar Yadav

Inspirational

3  

Sanjay kumar Yadav

Inspirational

मेरे पापा

मेरे पापा

1 min
115

रख देते हैं हाथ जिस पर

उसकी जिंदगी बन जाती हैं

वो पापा हैं  


खुद के ख्वाहिश को दबाकर

हमारी हर एक ख्वाहिश को पूरा कर देते हैं

वो पापा हैं  


चाहे कंपकंपाती ठंड हो या फिर हो तेज धूप,

चाहे बारिश की सैलाब हो या हो तूफान

हमारे लिये फिर भी घर से निकल जाता हैं वह इंसान

वो पापा हैं  


खुद के सपनों को मार कर

जो हमारे सपनों को पूरा करते हैं


वो पापा हैं  



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational