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Dhan Pati Singh Kushwaha

Inspirational

4  

Dhan Pati Singh Kushwaha

Inspirational

मेरा देश (थीम-4)

मेरा देश (थीम-4)

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रहें चाहे हम किसी हाल में,

कोई उम्र हो या कोई वेश।

जन्मे जहां खेले-पढ़े-बढ़े,

सबसे प्यारा अपना देश।


जिसकी मिट्टी में खेले -कूदे,

पिया खाया जल और अन्न।

उसकी सेवा में करें समर्पित,

निज तन-मन और सारा धन।


जन्मभूमि और जननी हमारी,

तो महान स्वर्ग से भी होती है।

देश सेवा में लगे जिनका जीवन,

उनकी अच्छी किस्मत होती है।


हुआ है पालन -पोषण इसी धरा पर,

तन-मन बल- बुद्धि का हुआ विकास।

उत्कृष्ट प्रयास कर हम करें इसकी सेवा,

सेवा भाव दिखाएं निज देश में ही खास।


रहें चाहे हम किसी हाल में,

कोई उम्र हो या कोई वेश।

जन्मे जहां खेले-पढ़े-बढ़े,

सबसे प्यारा अपना देश।


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