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अंकित शर्मा (आज़ाद)

Abstract Inspirational

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अंकित शर्मा (आज़ाद)

Abstract Inspirational

मेरा बेटा राम बनेगा

मेरा बेटा राम बनेगा

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ज्योतिर्मय हो भांति सूर्य के,

मेरे कुल की शान बनेगा,

मैया मेरी बोली मुझसे,

‘मेरा बेटा राम बनेगा’ ,


बस नीति कहेगा, सौम्य रहेगा,

मर्यादा को सदा जीएगा,

प्रभु कार्यों में सदा समर्पित,

सदा हलाहल स्वयं पीएगा,

प्रेम हृदय में सदा सहेजे,

वो सुंदर अभिराम बनेगा,

मैया मेरी बोली मुझसे,

मेरा बेटा राम बनेगा,

ज्योतिर्मय हो भांति सूर्य के,

मेरे कुल की शान बनेगा।


वीर बनेगा, धीर बनेगा,

अद्भुत योद्धा, गंभीर बनेगा,

जिसके भीतर प्रभु स्थित हों,

हृदय सुदृढ़ प्राचीर बनेगा,

यश गान करेगी दसों दिशाएं,

धरती का अभिमान बनेगा,

मेरी मैया कहती मुझसे,

मेरा बेटा राम बनेगा,

ज्योतिर्मय हो भांति सूर्य के,

मेरे कुल की शान बनेगा।



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