मैं प्रेरणा का गीत हूँ
मैं प्रेरणा का गीत हूँ
मैं प्रेरणा का गीत हूँ , मैं देश का सम्मान हूँ।
हर पल गढ़ो तुम देश हित ,वीरों का मैं अभिमान हूँ ।।
सबको सदा ले साथ तू ,उत्साह लोगों का बढ़ा ।
होगी सदा ही जीत ही , ऊँचाइयो पर ही चढ़ा ।।
अविरल बही मैं नीर सी , रुकना कभी मत काम था ।
पावन रही फिर भी सदा ,चलना मुझे अविराम था ।।
पर्वत गिरी सागर मिली , जीवन कहाँ विश्राम था ।
चलता रहे जीवन युहीं , मिलना सदा ही काम था ।।
