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christian saini

Abstract


5.0  

christian saini

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मैं कौन हूँ

मैं कौन हूँ

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मैं कौन हूँ ? आज सवाल पूछती हु खुदको,

मैं कौन हूँ ? आज खुद से ही अनजान हूँ मैं

दूसरों की दोस्त हूँ मैं पर खुद की क्या हूँ मैं ?


मैं कौन हूँ ? धुंधला -धुंधला सा भूतकाल हूँ मैं

मैं क्या हूँ ? क्या मैं जानती नहीं खुद को ?

आईना भी पूछता है सवाल मुझे, तू कौन है ?

धुंधली सी हो गयी है खुद से खुद की पहचान।


मैं कौन हूँ ? बस अब ढूंढने चली हूँ खुद को,

मैं कौन हूँ ? खुद मैं मुझे ढूढने चल पड़ी हूँ मैं

फिर ना रहेगा ये सवाल कभी कि, हूँ मैं कौन ?


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