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Devkaran Gandas

Inspirational

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Devkaran Gandas

Inspirational

मैं हूं एक मुसाफ़िर

मैं हूं एक मुसाफ़िर

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मैं हूं एक मुसाफ़िर अरविंद, रुक जाना मेरा काम नहीं,

तेज़ धूप है, कड़क ठंड है, जीवन बसन्त की शाम नहीं,

हर दिल ढूँढे खुशियां बाहर, खुशी तो मन के भीतर है

ग़म तो मुफ़्त ही मिल जाते हैं, पर लेता कोई नाम नहीं।

मैं हूं एक मुसाफ़िर अरविंद .................................


खुशियों की कीमत ही क्या है इनके ज्यादा दाम नहीं,

मन में बसा इक उड़नखटोला, देता कोई विश्राम नहीं,

मन को रोको, शिथिल छोड़ो, उड़न खटोला बंद करो

खुशियों का तो राज़ यही है, और कोई इंतजाम नहीं।

मैं हूं एक मुसाफ़िर अरविंद .................................


कलमकार : देवकरण गंडास "देव"


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