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Naushaba Suriya

Abstract

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Naushaba Suriya

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मैं भी उड़ना चाहती

मैं भी उड़ना चाहती

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सपनों में जीना चाहती,

जिंदगी से लडना चाहती है

मै जीवन को तलाशना चाहता है

हीरे की तरह चमकना चाहता 


संस्कारों के परदे को हटाना चाहता

मै दुनिया के बेडिया से आजाद होना 'चाहता हूँ

कमबख्त जिंदगी को कुछा, देना चाहता हूँ 

"अपना आशय लेकर पंख फैलाना चाहता हूँ।


ऐ जिंदगी, बस एक मौका खोचना चाहता हूँ।

मंजिल की खोज में भटक ना चाहता हूँ

जीवन में कुछ करना चाहता हूँ |


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