Smita Rai
Classics
दूर से आती अनजानी
कोई आहट पाकर
उड़ जाने वाली कबूतरी
आज निडर बैठी है
एक टक मुझे ताकती
आज उड़ना नहीं चाहती
आज वो डरना नहीं चाहती
उसने अंडे दिए हैं,
आज वो कबूतरी "मां" है...।
मातृत्व
आसमां
नारी के मुख स...
मुझे ले चलो मेरे गांव, ए साथी घड़ी दो घड़ी ही सही, नींद आए !! मुझे ले चलो मेरे गांव, ए साथी घड़ी दो घड़ी ही सही, नींद आए !!
कहते हैं ना ! कविताओं में जीवन होता है मैं भी कविता बन जाऊँ क्या ? कहते हैं ना ! कविताओं में जीवन होता है मैं भी कविता बन जाऊँ क्या ?
सिर्फ कटते काल समय की बोझ जीवन मृत्यु के मध्य का सोना जागना। सिर्फ कटते काल समय की बोझ जीवन मृत्यु के मध्य का सोना जागना।
खेलती चंचल यौवना के मन के भीतर पनपता है एक अन्जान मनचाहे लड़के के प्रति। खेलती चंचल यौवना के मन के भीतर पनपता है एक अन्जान मनचाहे लड़के के प्रति।
धीरे-धीरे आदत से जरुरत और पता है तुम्हें अब तो तुम नम्बर वन चाहत में आती हो। धीरे-धीरे आदत से जरुरत और पता है तुम्हें अब तो तुम नम्बर वन चाहत में आती हो।
वो आनंद है सत्य का वो साक्षात्कार है खुद का। वो आनंद है सत्य का वो साक्षात्कार है खुद का।
प्यार और विश्वास कभी कम ना हो, हर " रिश्ता " अपना एक इतिहास रचाएँ। प्यार और विश्वास कभी कम ना हो, हर " रिश्ता " अपना एक इतिहास रचाएँ।
तेरे उसी रूप क़ी है दरकार गाँधी तेरी लाठी करती ये पुकार। तेरे उसी रूप क़ी है दरकार गाँधी तेरी लाठी करती ये पुकार।
जीत क्या मिली किसी को, जीत में भी हार थी, जीत क्या मिली किसी को, जीत में भी हार थी,
सरफरोशी, देशप्रेम पर लिखा जाए मेरी हर जन्म की कुर्बानी। सरफरोशी, देशप्रेम पर लिखा जाए मेरी हर जन्म की कुर्बानी।
जबकि पता है मुझे, इस एकतरफा इश्क़ में मिलेगी बस रुसवाई। जबकि पता है मुझे, इस एकतरफा इश्क़ में मिलेगी बस रुसवाई।
और अति शोक को महसूस किया है। और अति शोक को महसूस किया है।
नारी हूं, नारी हूं, मैं नारी हूं। नर को जननेवाली मैं ही नारी हूं।। नारी हूं, नारी हूं, मैं नारी हूं। नर को जननेवाली मैं ही नारी हूं।।
बहन भाई को दी है, आशीष, दुआ, प्यार, यही प्रेम बस रहता है सदियों तक उधार। बहन भाई को दी है, आशीष, दुआ, प्यार, यही प्रेम बस रहता है सदियों तक उधार।
कैसन्न करी अब हम इहीके पार सीता मैया को पहुँचाई प्रभु का तार समुन्दर रही अति बिसाल, कैसन्न करी अब हम इहीके पार सीता मैया को पहुँचाई प्रभु का तार समुन्दर रही अ...
हाल-ए-तक़दीर ने तुझसे यूँ रूबरू करा दिया । हाल-ए-तक़दीर ने तुझसे यूँ रूबरू करा दिया ।
चलो आज हम राम बताएं राम मर्यादा का युग अपनाएं। चलो आज हम राम बताएं राम मर्यादा का युग अपनाएं।
तेरे हाथों की छुअन से मेरी साँसें बहकने लगें ! जिंदगी अपनी खुशी से फिर चहकने लगे तेरे हाथों की छुअन से मेरी साँसें बहकने लगें ! जिंदगी अपनी खुशी से फ...
ये कुछ सवाल है या है उन सवालों के जवाब, तय आपको करना। ये कुछ सवाल है या है उन सवालों के जवाब, तय आपको करना।
विचारों की बंदिनी विचारों की बंदिनी