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Preeti Sharma "ASEEM"

Abstract

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Preeti Sharma "ASEEM"

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मासूमियत और वफादारी

मासूमियत और वफादारी

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मासूमियत

और वफादारी 

दोनों साथ -साथ चलते हैं


जिंदगी के

हर सफर को,

दोनों साथ -साथ

तय करते हैं

मासूमियत

और वफादारी 

दोनों साथ साथ चलते हैं


विश्वास ही है

जो साथ लिए चलते हैं

उसी के दम पर ,

आगे-आगे बढ़ते हैं


डर कैसा ?

जिंदगी की,

तमाम मुश्किलें 

आसानी से हल करते हैं

मासूमियत

और वफादारी 

दोनों साथ -साथ चलते हैं


धोखे से नहीं,

जीतता इंसान

अपनी

चलाकियों से,

हार जाता है


बड़ी -बड़ी शक्तियां

जहां दफन हो गई 

भू के गर्भ में,

सिर्फ मासूमियत 

और वफादारी है


जो करामात कर जाती है

रास्ते कितने,

भी मुश्किल हो

चलते -चलते,

मंजिलें पा जाती हैं


मासूमियत,

और वफादारी

जिंदगी को,

जिंदगी बना जाती है 

बड़ी-बड़ी मंजिलें भी

पलक झपकते ही,

पल में ही पा जाती है

मासूमियत और वफादारी

जिंदगी भर चलती है।


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