STORYMIRROR

Neerja Sharma

Abstract

3  

Neerja Sharma

Abstract

मानवता

मानवता

1 min
536

सही अर्थ , सही कर्म से

गर मानव सब काम करे 

तो मानवता जिंदा है।


सही भाव, सही प्रयास,

गर मानव मन उपजा करे 

तो मानवता जिंदा है।


न कोई बैर, न को बैरी 

गर मानव प्रेम से रहे

तो मानवता जिंदा है।


न स्वार्थ , न ईर्ष्या

गर मानव सम भाव रहे

तो मानवता जिंदा है।


न कुछ तेरा, न कुछ मेरा 

गर मानव सच्ची सेवा करे

तो मानवता जिंदा है।


न कोई उँच, न कोई नीच

गर मानव इनके बीच रहे

तो मानवता जिंदा है।


न कोई धर्म, न कोई जाति 

गर मानव इँसान रहे 

तो मानवता जिंदा है।


मानव का मानवता से नाता 

गर मानव बनाए रहे

तो मानवता जिंदा है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract