मां
मां
माँ आ गयीं दिल के मन्दिर में
दिन भी अजीब हो गए
गुनगुनाने लगे
तराने माँ के
प्रेम के
और नाचने लगे
पेड़ पौधे जीव जन्तु
चाँद सितारे
जाने अनजाने
सब
कितना अच्छा लग रहा है
हमारे परिवेश पर
चढ़ता हुआ माँ का रंग
जिसमें डूबे हुए हम।
नया प्रेम है
सब कुछ बदल रहा है
प्रेम मय हो रहा है।
