Shani Verma
Drama
सुबह की चाय से
रात की लोरी तक याद आती है,
माँ जब भी याद आती है
बहुत याद आती है।
जब भी कहीं किसी
बच्चे के साथ उसकी
माँ नजर आती है
माँ ओ मेरी माँ
माँ ओ मेरी मा...
लोगों को नहीं पता की अपने नहीं तड़पाते अपने ही तो बनते है जो शुरू शुरू में तड़पाते लोगों को नहीं पता की अपने नहीं तड़पाते अपने ही तो बनते है जो शुरू शुरू में तड़प...
बरगलाने से अब ना दाल किसी गलने देंगे काम नहीं किया तो गद्दी हम वापस ले लेंगे। बरगलाने से अब ना दाल किसी गलने देंगे काम नहीं किया तो गद्दी हम वापस ले लेंगे...
सारा घर चला लेती है वो सारा घर चला लेती है वो
कितनी चीजें थी जिन पर मुझे गम्भीरता से विचार करना था कितनी चीजें थी जिन पर मुझे गम्भीरता से विचार करना था
ये दृढ़ता से बने रहें इस मधुर रक्षाबंधन शुभोत्सव। ये दृढ़ता से बने रहें इस मधुर रक्षाबंधन शुभोत्सव।
एक सुंदर आधार मिला एक सुंदर आधार मिला
सोचता हूँ के क्या कमी रह गई, क्या जितना था वो काफी नहीं था। सोचता हूँ के क्या कमी रह गई, क्या जितना था वो काफी नहीं था।
अब विदाई की आहट पर जाते हुए हमेशा मुस्कराती हूँ मैं। अब विदाई की आहट पर जाते हुए हमेशा मुस्कराती हूँ मैं।
काश मुश्किल ना होता किसी को भुलाना तो यादों में इस तरह खोए ना रहते काश मुश्किल ना होता किसी को भुलाना तो यादों में इस तरह खोए ना रहते
पर जो दिखता है वो होता तो नहीं ना पर जो दिखता है वो होता तो नहीं ना
छोटी सी तो है ज़िन्दगी छोटी सी तो है ज़िन्दगी
युगों- युगों की अशीष देकर, अमिट स्नेह मनभावन हो जाए। युगों- युगों की अशीष देकर, अमिट स्नेह मनभावन हो जाए।
साथ हां मेरा, जन्मों निभाए, बाबुल ढूंढ़, पिया ऐसा लाए, साथ हां मेरा, जन्मों निभाए, बाबुल ढूंढ़, पिया ऐसा लाए,
न जाने कैसे समेट ले उन पल को जो बहकर आँसू तले भीग गये हैं न जाने कैसे समेट ले उन पल को जो बहकर आँसू तले भीग गये हैं
गठबंधन की गाठ ने रिश्ते की मजबूती का एहसास कराया है गठबंधन की गाठ ने रिश्ते की मजबूती का एहसास कराया है
उड़ गया पंक्षी लुट गया मेला कुछ देर सांस बस अटकी है उड़ गया पंक्षी लुट गया मेला कुछ देर सांस बस अटकी है
मुझे खुश देखकर उन्हें खुशी मिल रही है इसलिए मिटता हुआ जख्म नजर आ रहा है। मुझे खुश देखकर उन्हें खुशी मिल रही है इसलिए मिटता हुआ जख्म नजर आ रहा है।
ख़याल आता है कि कैसा है वो ना जाने किस हाल में है वो! ख़याल आता है कि कैसा है वो ना जाने किस हाल में है वो!
ईश्वर से वार्तालाप का वो अंश तुम्हें कैसे सुनाऊं ईश्वर से वार्तालाप का वो अंश तुम्हें कैसे सुनाऊं
'मां ' की प्रार्थना करती, सब के लिए, सुख, शांति मांगती, 'मां ' की प्रार्थना करती, सब के लिए, सुख, शांति मांगती,