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Triveni Mishra

Inspirational

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Triveni Mishra

Inspirational

माँ को प्रणाम माॅं आपकी याद

माँ को प्रणाम माॅं आपकी याद

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माॅं आपकी याद में दो ऑंसू निकल जाते हैं

हाथ जोड़कर माँ तुम्हें सदा प्रणाम करते हैं।


माँ जन्म-जन्मातर तक ऋण चुका नहीं पाऍंगे

दुख सह कर सुख देना भूला नहीं पाऍंगे।


रहेगा याद हमें गोदी तेरी तेरा गाना 

प्रेम,ममता माँ वो तेरा तराना।


बीमार होकर भी वो तेरा मुस्कुराना

विविध तरह के व्यंजनों को बनाना।


मना-मनाकर के हाथों से खिलाना

हँसते हुए अपने गले से लगाना।


साथ में बैठकर पढ़ाना लिखवाना

भूल नहीं सकते माँ तेरा बहलाना।


तेरी मन्नत,दुआ वह आशीर्वाद

भगवान के सामने करती फ़रियाद।


माँ भूल कर भी भूला नहीं सकते हैं।

हर पल माँ तेरा गुणगान करते हैं।


तेरी आँचल की छाँव मिले हर जन्म हमें

मिलो तुम सदा यही तमन्ना रखते हैं।


माॅं तेरी याद में दो ऑंसू निकल जाते हैं।

माँ तुम्हें कोटि-कोटि प्रणाम करते है।


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