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Rajshree Vaishampayan

Abstract

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Rajshree Vaishampayan

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माँ का प्यार

माँ का प्यार

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तेरे प्यार से बढ़कर कीमती 

और कुछ नहीं इस दुनिया में..

सब थकान दिन भर की

पल में छू मंतर हो जाती है।

जब अपनी बाहें फैलाकर

तू "प्यार की झप्पी" देती है।



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