STORYMIRROR

Anil Sharma

Abstract

2  

Anil Sharma

Abstract

लॉक डाउन के दिन

लॉक डाउन के दिन

1 min
15

न जाने इंटरनेट स्लो था या मैं,

जो अनमना सा, खुली आँखों से सो गया,

फुर्सत के पल के लिए तरसा करते जिस जहाँ में,

लॉक डाउन में वहाँ, पूरा दिन खो गया।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract