Click here to enter the darkness of a criminal mind. Use Coupon Code "GMSM100" & get Rs.100 OFF
Click here to enter the darkness of a criminal mind. Use Coupon Code "GMSM100" & get Rs.100 OFF

Neena Ghai

Inspirational


5.0  

Neena Ghai

Inspirational


लिखने वाले ने लिख दी तकदीर

लिखने वाले ने लिख दी तकदीर

1 min 274 1 min 274

लिखने वाले ने तो लिख दी हमारी तकदीर,

दे दी इस बंद मुट्ठी में चंद लकीरें

माना तकदीर बनाना तेरे हाथ में नहीं है,

तद्बीर तो तेरे हाथ में है ‘मेरे दोस्त’।


‘उठ खोल इस मुट्ठी को चीर दे

अपनी इन लकीरों को ढूँढ ले, खुले हाथों से

अपने मुकाम पर पहुँचने के लिये

उन रास्तों को,चंद लकीरों को न बनने दे।

अपने मज़बूत इरादों की वजह,

अगर हौसला बुलंद हो,

इरादा हो मज़बूत तकदीर भी अपनी राह बदल,

चंद लकीरों को भी मात दे देती है।


उठ, हिम्मत कर, बदल दे

लिखने वाले ने जो लिखा है

हौसला बुलन्द रख,

लिख दे अपने ही हाथों अपनी तकदीर।


Rate this content
Log in

More hindi poem from Neena Ghai

Similar hindi poem from Inspirational