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Vikas Gupta

Tragedy Classics Inspirational

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Vikas Gupta

Tragedy Classics Inspirational

लगता है अब हम बड़े हो गए

लगता है अब हम बड़े हो गए

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ज़िन्दगी में नए नए रिश्ते जुड़ गए

लगता है अब हम बड़े हो गए 


ढेर सारी जिम्मेदारी कंधों पर पड़ गए

लगता है अब हम बड़े हो गाए


जिन्होंने कभी सुलाया था हमें अब वो खुद सो गए 

लगता है अब हम बड़े हो गए


नए नए मुसाफिर राहों में मिलते चले गए 

लगता है हम बड़े हो गए


कब हुए बच्चे से जवान और अब अधेड़ हो गए 

लगता है हम बड़े हो गए


ज़िंदगी की मशरूफियत में हम खुद कहां खो गए

लगता है अब हम बड़े हो गए


दुनिया के सामने हम यूं बेबस खड़े हो गए 

लगता है अब हम बड़े हो गए।


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