STORYMIRROR

Sumedha Chaturvedi

Tragedy

2  

Sumedha Chaturvedi

Tragedy

क्यूंकि तू मेरा प्यार है

क्यूंकि तू मेरा प्यार है

1 min
506

कि कर लूँ कैद 

मैं अपने प्यार में 

ये तमना कहाँ थी मेरी ?


कि तू मेरा प्यार है

और मुझे क़बूल है

तेरी हर आज़ादी और ख़ुशी


कि तुझे दूर कर दूँ 

मैं तुम्हारे अपनों से 

ये ख्याल भी कैसे आने दूंगी कभी ?


कि तू मेरा संसार है

तू आबाद रहे खुशहाल रहे 

यही दुआ हरदम रहेगी मेरी।


कि तेरा जिस्म ढूंढता है 

खुला आसमाँ और घर परिवार,

पर तेरी जान है 

मेरे जिस्म में छिपी कहीं।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy