क्या रखा है बीती बातों में
क्या रखा है बीती बातों में
कुछ सीखा है तो जाओ
बीती बातों में
अन्यथा क्या रखा है गुजरी बातों में
माना पीछा नहीं छोड़ता कल
लेकिन तय करना होता है कल
कल से ही बनता है आने वाला कल
पीछे जाकर सुधार नहीं सकते
हाँ चाहें तो सबक लेकर आने वाला कल हैं
संवार सकते
अन्यथा छोड़ो पिछली बातों को
क्या रखा है बीती बातों में
सामने सुनहरा भविष्य है
आगे की सोच, बहुत कुछ करना अवश्य है
मत व्यर्थ कर समय बातों में
याद करो, मत रो, मत बह जज्बातों में
आज का कर्म, कल का जीवन
कर कर्म पवित्र और पावन
बीते पर मिट्टी डाल
छोड़ पुरानी खाल, जर्जर काया छूटेगी
नया जीवन खिलेगा
आओ तय करें दिशा, आने वाली रातों में
जो बीत गई, क्या रखा उन बातों में।
