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Hardik Mahajan Hardik

Abstract

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Hardik Mahajan Hardik

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कुंज में गूँज है

कुंज में गूँज है

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कुंज में गूँज है,

गूँज में निकुंज है,

निकुंज में संकोच है,

फ़िर क्यूँ गत में

परिवर्तन है?


द्वारा में द्वारपाल है,

द्वारपाल में लोग है,

लोग में प्रकोप है,

प्रकोप में सहस है,

फ़िर क्यूँ गत में,

परिवर्तन है?


धारा में सहस्त्र है,

सहस्त्र में शस्त्र है,

शस्त्र में सैनिक है,

फ़िर क्यूँ गत में,

परिवर्तन है.?


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