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Bhoop Singh Bharti

Inspirational

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Bhoop Singh Bharti

Inspirational

कुंडलिया : हिंदी

कुंडलिया : हिंदी

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बोल्ली बड़ी कमाल की, बोल्ली कोनी घाट।

गजबण इसकी रागनी, हरियाणा के ठाठ।

हरियाणा  के  ठाठ, माट म्ह राखै पाणी।

कोनी  रै  लठमार, रसील्ली म्हारी बाणी।

कहै भारती खूब, जुबान म्ह मिश्री घोल्ली।

मातृभाषा कमाल, लाडली  हिंदी  बोल्ली।


शब्द शब्द से ही बने, साहित्य का संसार।

कविता गजल कहानियां, हिंदी के हथियार।

हिंदी के हथियार, मार पाठक पर करते।

करते शब्द कमाल, चुपक से मन को हरते।

कहे 'भारती' शब्द, नौरसों से  खूब सने।

हिंदी का साहित्य, शब्द शब्द से ही बने।



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