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Brijlala Rohanअन्वेषी

Inspirational

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Brijlala Rohanअन्वेषी

Inspirational

कुछ लोग

कुछ लोग

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जब भी हम कुछ नया करते हैं ,

जब भी हम कुछ अलग हटकर एक नई पहल की शुरूआत करते हैं ।

तो न जाने क्यों कुछ लोग हमें हतोत्साहित करते हैं ?

कभी वो कहेंगे क्या कर रहे हो ये सब ?

सब बकवास है ! ये सब फिजूल है l।

पहले खुद को देखो तब दुनिया को देखना ।

कभी - कभी नेपथ्य में खुद को निहारता हूँ तो पाता हूँ कि कहीं वे लोग ठीक ही कह रहे हैं ! 

लेकिन फिर जब उन प्रतिभावान लेकिन अवसर से वंचित विद्यार्थियों पे नज़र पड़ती है ,

तो हमें खुद की भूल का एहसास होता है ।

और हम उन कुछ लोगों की परवाह किये बिना अपने साथियों के साथ एक नई जोश से अपने कर्त्तव्यपथ की ओर अग्रसर हो जाता हूँ ।


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