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Kumar Kishan

Abstract

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Kumar Kishan

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क्षमादान

क्षमादान

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होता जग में वही महान

जो हो शक्तिशाली और

देता हो क्षमादान, क्योंकि

जाने-अनजाने सभी से

होता हैं भूल पर यारों,


कितने करते हैं अपनी

कुसूर को कबूल ?

लेकिन अगर किसी से

है भूल होता


और इसके बाद है पछताता

तो उसे सुबह का भूला मानना चाहिए

और क्षमादान देकर उसे क्षमा करना चाहिए


नहीं होता जग में उसका मान

जो नहीं करता कभी क्षमादान

और न ही उसका कोई मित्र होता

जो भूल करने पर भी नहीं पछताता।


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