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shagun Kumari

Abstract

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shagun Kumari

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कोरोना

कोरोना

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हर घर में यही नारा है,

कोरोना को हराना है।

इसने कैसा चक्कर चलाया,

बड़े बड़ों को घर में बिठाया,

अब इसको भी भगाना है,

फिर से घूमनेे जाना हैं।

थाली सेे सब्जी गायब,

मुंह सेेे पान और मावा गायब,

महंगा दौर जमाना हैैं,

फिर से पनीर पापड़ खाना है।

कोरोना को हराना है।।


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