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sushant mukhi

Tragedy

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sushant mukhi

Tragedy

कोरोना को किसने बुलाया

कोरोना को किसने बुलाया

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दुनिया मे कोरोना वायरस है छाया

इस वायरस ने बहुतो को लिपटाया

इसके नाम से हर कोई है घबराया 

कितने कम समय मे कितना ज्यादा सताया 

है कोरोना तुझे किसने बुलाया ? 

कोरोना तू क्यों आया ? 


कोरोना - 

मुझे क्या पड़ी थी तुमलोगो के बीच आने में 

मैं तो मस्त था अपने आशियाने में, 

तुमलोगो ने अपनी हद पार कर मुझे जगाया

इसलिए मैं आया। 


जो जी मे आता है करते हो 

जिसे चाहे उसे पकड़ते हो 

और इस्तेमाल करते हो भूख मिटाने में 

जरा देख तो लो क्या है खाने में।  


मैंने कहा था क्या 

कि साँप का सूप बनाओ, कुत्ते का पूछ खाओ,

मैंने कहा था क्या 

चूहे की चटनी पीसो, मगर मच्छ की भुर्जी पकाओ । 

जहर को खाना समझ कर खाओगे 

भला कैसे बच पाओगे ?? 

वाह रे वाह, 

हर जानवर को खाते हो 

फिर भी इंसान कहलाते हो।

कर रहे हो कोरोना कोरोना कोरोना 

अब आ रहा है तुमको रोना ?


इतनी जल्दी मैं नहीं जाऊंगा 

सबको मज़ा चखाऊंगा, 

अपनी आदते सुधार न ले सब जब तक,

तब तक मैं ऐसे ही तबाही मचाऊंगा। 


मैं कोरोना मैं खुद नहीं आया 

तुम इंसानों ने मुझे खाया 

इसलिए मैं आया। 


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