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Sudhir Srivastava

Comedy Tragedy

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Sudhir Srivastava

Comedy Tragedy

कोल्हू का बैल

कोल्हू का बैल

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अभी अभी यमराज मेरे पास आया

और चाय की पिलाने का आग्रह करने लगा।

मैंने कहा बेवकूफ है क्या

जो मुझे बीबी से पिटवाना चाहता

कल मेरा जबरन उपवास कराना चाहता है।


इतना सुन यमराज गंभीर हो गया

और बिल्कुल दर्शन शास्त्री बन गया।

और बिल्कुल कथा वाचकों की तरह समझाने लगा

बस प्रभु! रही तो मैं आपसे जानना चाहता हूँ

कि कौन कौन है आपका अपना,


आप तो बड़े गर्व से बताते हैं,

ये ये ये सब मेरे अपने हैं

फिर एक कप चाय पिलाने के नाम से ही

बीवी के डर से काँप क्यों रहे हैं?


माँ बाप तो मेरे साथ पहले ही निकल गये

बीबी बच्चों,भाई बहनों और जाने कितनों को

बड़े गर्व से अपना बताते हैं।

छोटा मुंह बड़ी बात करता हूँ,

चाय पिलाने की शर्त रखता हूँ।


आज ही सब साफ हो जाएगा

कौन अपना और कौन आपको बेवकूफ बना रहा है

अपना बताकर आपको चूस रहा है

अपना हित साध रहा है।


पर आप तो इतना भोले हो

कि मेरी बात का विश्वास नहीं है

क्योंकि आपको बड़े प्यार से

सबके द्वारा इज्जत से नचाया जा रहा है।


अच्छा है मेरी बात मान लीजिए

कोई नहीं अपना इसे स्वीकार कीजिए।

अच्छा है मेरे साथ निकल चलिए,

अपना कहने वालों के चक्कर में न पड़िए।


अपने यार को पूरे भरोसे से अपना कहिए

विश्वास नहीं है तो कोई बात नहीं

अपनों के चक्कर में पड़े रहिए

और कोल्हू के बैल की तरह खटते रहिए। 


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