STORYMIRROR

Preeti Sharma "ASEEM"

Abstract

3  

Preeti Sharma "ASEEM"

Abstract

कोई बात ......नहीं

कोई बात ......नहीं

1 min
266

जिदंगी के सवालों पर,

फिर से छिड़ी है।

बहस नई 


कैसे कह दूं कि

कोई बात नहीं

कोई बात नहीं।


हर शक्श अपनी लड़ाई में,

मशगूल है ,कुछ इस तरह।

अब हर किसी की बात की,

एक कीमत है होती।


बस दिल को जो सुकून दें 

बस ऐसी कोई बात नहीं होती।

इस टीस की,

कोई आवाज़ नहीं होती।


कैसे कह दूं कि

कि कोई बात नहीं

कोई बात नहीं।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract